भागवत कथा का परिचय

श्रीमद् भागवत कथा सनातन धर्म का एक अत्यंत पवित्र, ज्ञान, भक्ति और वैराग्य प्रदान करने वाला महान ग्रंथ और आध्यात्मिक आयोजन है।

भागवत कथा का परिचय और स्वरूप

  • मूल ग्रंथ: यह श्रीमद्भागवत महापुराण पर आधारित है, जिसमें मुख्य रूप से भगवान विष्णु और उनके अवतारों, विशेषकर श्री कृष्ण की लीलाओं का वर्णन है।

  • रचयिता: इसकी रचना महर्षि वेद व्यास ने की है।

  • स्कंध: इस महापुराण में कुल 12 स्कंध (अध्याय) और हजारों श्लोक हैं।

  • कथा का क्रम: सूत जी द्वारा नैमिषारण्य में शौनकादि ऋषियों को यह कथा सुनाई गई थी, जो उन्होंने ऋषि शुकदेव से प्राप्त की थी।

आयोजन की मुख्य विशेषताएं

  • समय अवधि: यह आयोजन आमतौर पर 7 दिनों (सप्ताह यज्ञ) तक चलता है।

  • प्रमुख प्रसंग: कथा के दौरान ध्रुव कथा, प्रह्लाद चरित्र, हिरण्यकश्यप वध, वामन अवतार, समुद्र मंथन, श्री कृष्ण जन्म, गोवर्धन लीला, और रुक्मिणी विवाह जैसे प्रमुख प्रसंग सुनाए जाते हैं।

  • उद्देश्य: इसका मुख्य उद्देश्य मनुष्य के मन की शुद्धता, अहंकार का त्याग, धर्म के मार्ग पर चलना, और ईश्वर के प्रति सच्ची भक्ति जगाना है।

जगन्नाथ पूरी में 30 दिसंबर 2026 से 05 जनवरी 2027 तक श्री मदभागवत कथा श्री श्री 1008 जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी श्री वल्लभाचार्य जी के मुखारविंद से सुनने का सौभाग्य प्राप्त होगा | और जगन्नाथ पूरी धाम के दिव्य संतो का दर्शन प्राप्त कर अपने जीवन को सफल बनाये |कथा शुल्क मात्र 20,000 एक व्यक्ति का |

नोट :- जो लोग जगन्नाथ पूरी में कथा सुनने जाना चाहते है Offline या Online Booking करके अपना रजिस्ट्रेशन करवा लें बाकि जानकारी कार्यालय में कॉल करके ले सकते है

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