।।जय जगन्नाथ।।

श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ

दिनांक 30 दिसंबर 2026 से 05 जनवरी 2027 तक श्री जगन्नाथ धाम में आयोजित पावन भक्तिोत्सव।

पावन समय एवं तिथियां

श्री मद्भागवत सदस्य बन्ने हेतु मुख्य विवरण

30 दिसंबर 2026 - 05 जनवरी 2027 तक

आयोजन तिथि 2026-27

02:00 - 06:00 PM

दैनिक कथा समय

श्री जगन्नाथ धाम

पावन कथा स्थल

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भव्य कलश शोभा यात्रा

30 दिसंबर को प्रातः काल भव्य मंगल कलश यात्रा जगन्नाथ धाम मंदिर से निकाली जाएगी, जिसमें पवित्र जल एवं मंगल कलश धारण कर सभी यजमान और भक्त पीले वस्त्र पहनकर सहभागिता करेंगे।

श्रीमद्भागवत अमृत वर्षा

प्रतिदिन अपराह्न 2:00 बजे से सायं 6:00 बजे तक परमपूज्य जगद्गुरु रामानंदाचार्य श्री श्री 1008 स्वामी श्री श्री वल्लभाचार्य जी के मुखारविंद से कथामृत की वर्षा व्यासपीठ से संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा एवं मनमोहक झांकियों का अलौकिक आनंद।

विशाल महाप्रसाद वितरण

🙏🌺 ॥ जय श्री जगन्नाथ ॥ 🌺🙏

श्री जगन्नाथ कथा एवं अन्नपूर्णा महाप्रसाद भंडारा परम सौभाग्य एवं हर्ष का विषय है कि श्री जगन्नाथ धाम में पावन कथा का आयोजन होने जा रहा है। इस शुभ अवसर पर कथा के पश्चात प्रतिदिन सायंकाल समस्त भक्तजनों एवं श्रद्धालुओं के लिए शुद्ध, सात्त्विक एवं पवित्र अन्नपूर्णा महाप्रसाद एवं भव्य भंडारे का आयोजन किया जाएगा।आप सभी धर्मप्रेमी सज्जनों, श्रद्धालुओं एवं भक्तजनों से विनम्र निवेदन है कि सपरिवार पधारकर कथा श्रवण करें तथा प्रभु श्री जगन्नाथ जी का पावन महाप्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ प्राप्त करें।आइए, प्रभु की भक्ति, सेवा और समर्पण के इस पावन अवसर पर सहभागी बनें। 🙏

आप सभी भक्त प्रेमियों का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन है।

🌺 जय श्री जगन्नाथ! 🌺

दान हेतु

State Bank Of India

नोट:- ट्रस्ट का नाम देखकर ही पेमेंट करें आपके द्वारा दी हुयी राशि 80 G कर मुक्त है

Name:- श्री रामहर्षण मैथिल सख्यपीठ धर्मार्थ सेवा ट्रस्ट

Account Number:- 38091406413

Ifsc Code:- SBIN0002510

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गौ दान महादान

हिंदू धर्म में गोदान (गाय का दान) को सभी दानों में सबसे श्रेष्ठ और 'महादान' माना जाता है।

संत भंडारा दान

संत भंडारे (अन्नदान) में दान या सहयोग करना सनातन धर्म और परंपरा में अत्यंत शुभ और पुण्य का कार्य माना जाता है

गौ दान

तरणी नदी पार करना: गरुड़ पुराण के अनुसार, मृत्यु के बाद परलोक जाने वाले मार्ग में 'वैतरणी' नाम की एक बेहद कठिन और गर्म नदी आती है। मान्यता है कि जीवनकाल में या मृत्यु के समय गोदान करने वाला व्यक्ति गाय की पूंछ पकड़कर इस नदी को आसानी से पार कर लेता है।

दान करना समाज, मानवता और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है।

दीन दुखियों की सहायता

धार्मिक एवं नैतिक कर्तव्य: विभिन्न शास्त्रों और परंपराओं के अनुसार, दीन-दुखियों, अनाथों और असहायों की सेवा करना सबसे बड़ा धर्म माना गया है। "नर में नारायण" (अर्थात हर मनुष्य में ईश्वर का अंश देखना) की भावना से किया गया दान सच्चा पुण्य कहलाता है।

मंदिर निर्माण

मंदिर निर्माण में दान करना भारतीय सनातन और आध्यात्मिक परंपरा में अत्यंत शुभ और महत्वपूर्ण माना गया है।

यजमानों की सूची

श्री मद्भागवत कथा में बने सदस्यों के नाम आप सभी जल्द से जल्द अपना नाम अंकित करवा ले ताकि आपको भी जगन्नाथ भगवान् के धाम में कथा सुनने का सौभाग्य मिले ||

भोजन व्यवस्था

🙏 भोजन व्यवस्था – श्रीमद्भागवत कथा 🙏

🌸 जय श्री जगन्नाथ! जय श्री कृष्ण! 🌸

आप सभी भक्तजनों से विनम्र निवेदन है कि श्रीमद्भागवत कथा में भोजन व्यवस्था हेतु जिन सदस्यों के नाम अंकित किए जा रहे हैं, वे सभी कृपया जल्द से जल्द अपना नाम दर्ज करवाएँ।

✨ यह हम सभी के लिए परम सौभाग्य और पुण्य का अवसर है कि हमें भगवान श्री जगन्नाथ जी के पावन धाम में श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करने का अवसर प्राप्त हो रहा है।

🙏 अतः सभी भक्तजन समय रहते अपना नाम अवश्य अंकित करवाएँ और इस पावन सेवा में सहभागी बनकर भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करें।

🌺 आइए, सेवा, श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ इस दिव्य आयोजन का हिस्सा बनें। 🌺

🚩 जय श्री जगन्नाथ 🙏
🕉️ राधे-राधे 🕉️